पटना

सघन मिशन इन्द्रधनुष का दूसरा राउंड होगा शुरू, नियमित प्रतिरक्षण से वंचित बच्चों को लगेगा टीका


▪️जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारियों के राज्य स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन।

▪️36 जिलों के 227 प्रखंडों में 2 दिसम्बर से चलेगा सघन मिशन इन्द्रधनुष-2.0

▪️4 चक्रों में पूर्ण होगा अभियान।

पटना/ 5 नवंबर: नियमित प्रतिरक्षण से वंचित राज्य के 36 जिलों में बच्चों को टीका लगेगा. इसको लेकर मंगलवार को 36 जिलों के प्रतिरक्षण पदाधिकारियों एवं सहयोगी संस्थानों के लिए राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया.
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया नियमित टीकाकरण शिशुओं को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी,असरदार और किफायती साधन है. इस दिशा में सघन मिशन इन्द्रधनुष नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों को शत-प्रतिशत प्रतिरक्षित करने में मील का पत्थर साबित होगा. यह अभियान आगामी 2 दिसम्बर से राज्य के 36 जिलों के 277 प्रखंडों में चलाया जाएगा. इसके लिए सम्पूर्ण अभियान का बेहतर माइक्रोप्लान बनाने के उपरान्त उसका सटीक क्रियान्वयन करना भी जरुरी होगा. विगत 10 वर्षों में बिहार ने टीकाकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है. राज्य में प्रतिरक्षण का प्रतिशत विगत 2 वर्षों से 84 % पर स्थिर है तथा इसे शत प्रतिशत कर ही हम इस अभियान को सफल बना सकते हैं.
बेहतर कार्य-योजना जरुरी: स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार ने बताया की टीकाकरण सेवा की गुणवत्ता एवं माताओं और बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है. यही कारण है की बिहार में शिशु मृत्यु दर में पूर्व की अपेक्षा काफी कमी आई है. उन्होंने बताया सघन मिशन इन्द्रधनुष-2.0 को सफल बनाने के लिए ड्यू लिस्ट का पूर्ण एवं सटीक होना सबसे जरुरी है ताकि प्रतिरक्षण से वंचित बच्चों की सही पहचान कर उनका टीकाकरण किया जा सके. उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इसके लिए सजग रहने की सलाह देते हुए बताया यदि अभियान के दौरान एक भी बच्चा छूटता है तो इस अभियान को सफल कहने का हमें कोई हक़ नहीं है. इस अभियान के अंतर्गत (विशेष टीकाकरण अभियान में ) बचपन की बिमारियों, विकलांगता और मौत के जोखिम वाले टीकारहित तथा आंशिक रूप से प्रतिरक्षित बच्चों को लक्षित किया जायेगा. यह अभियान पूरे देश में चलाया जायेगा. इस लिहाज से बिहार में इस अभियान की शत-प्रतिशत सफलता काफ़ी मायने रखेंगी. साथ ही अभियान की बेहतर कार्य-योजना वांछित परिणाम देने में सहायक होगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य सहयोगी विभागों एवं संस्थाओं की भी भूमिका अहम् होगी.
चार चक्रों में चलेगा अभियान: बिहार के 36 जिलों (बक्सर एवं बांका जिलों को छोड़कर ) के 227 प्रखंडों में निम्न्तालिकानुसार सघन मिशन इन्द्रधनुष- 2.0 का अभियान चलाया जायेगा.
प्रथम चक्र: 02 दिसंबर से 12 दिसंबर 2019
द्वितीय चक्र: 06 जनवरी से 16 जनवरी 2020
तृतीय चक्र: 03 फरवरी से 13 फरवरी 2020
चतुर्थ चक्र: 02 मार्च से 16 मार्च 2020
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार, प्रशासी पदाधिकारी सह प्रभारी आई.ई.सी खालिद अरशद, राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. एन.के.सिन्हा, यूनिसेफ के डा. सैय्यद हुबे अली एवं राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के वरीय पदाधिकारीगण तथा सहयोगी संस्थानों के अधिकारीगण मौजूद थे.

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